Saturday, November 8, 2008

तुम्हे पाकर..


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अधूरापन
ख़तम हो जाता है तुम्हे पाकर
दिल का हर तार गुनगुनाता है तुम्हे पाकर...

गम जाने किधर जाता है तुम्हे पाकर..

सब शिकवे दूर हो जाते है तुम्हे पाकर

जानती हू चंद पलो का खेल है ये..
अफ़सोस नही रहता बाकी, तुम्हे पाकर..

राह तकती, ये लम्बी पगदंदिया ..
थक कर भी चैन पाती है आंखे, तुम्हें पाकर..

तमाम मायुसिया छुप जाती है..
जिंदा लाश मानो उठ जाती है तुम्हे पाकर..

'तनहा' मरना जीना सब भूल जाती है
तुम्हारी बाहों में आकर..बस तुम्हें पाकर..!!

6 comments:

राहुल सि‍द्धार्थ said...

सच आप जिसे जिसे दिल से याद करें और वो मिल जाये फिर और क्या ख्वाहिश.........

VisH said...

wahooo its really ossum keep doing writing...
aapke jo .....Dil ko Chhu Gaya ....


Jai Ho Magalmay Ho.....

ARVI'nd said...

very nice... i like you gazal.sahi kahaa use paakar to chaahat bhi khatm ho jaati hai.

ARVI'nd said...

sahi kaha aapne use paakar to chaahat bhi khatm ho jaati hai.

taanya said...

RAHUL SIDDHAARTH JI..

Rahul ji bahut bahut shukriya mere blog per aaker meri rachna per comments karne ka..thanks a lot..maine aapka blog b padha tha..bahut acchha laga aap ko padh k..

DR. VISH JI..

THANKS JI JO APKE DIL KO MERI RACHNA CHOO GAYI...JAI HO GI...

ARVIND JI..

HMMMM YES U R ALSO RIGHT PAAKER TO CHAAHET B KHATAM HO JAATI HAI..

THANKS U HI AATE RAHIYE..

sangeeta said...

अधूरापन ख़तम हो जाता है तुम्हे पाकर
दिल का हर तार गुनगुनाता है तुम्हे पाकर...

गम जाने किधर जाता है तुम्हे पाकर..

सब शिकवे दूर हो जाते है तुम्हे पाकर


wah ye padh kar bahut achchha laga . yahan aapki zindagi men raunak -e - bahaar hai. gud.....gud.